जसवंतनगर/इटावा: बैंको में सोना गिरवी रखने बाले हो जाओ सावधान।

 संवाददाता: M.S verma इटावा व्यूरो चीफ, सोशल मीडिया प्रभारी, 6397329270

मनोज कुमार


जसवंतनगर/इटावा 

बैंको में सोना गिरवी रखने बाले हो जाओ सावधान

लगता है ईमानदारी का जमाना ही लद गया है. अर्थ व्यवस्था ने ईमानदारी को डस लिया है.खा लिया है.

जगह जगह ईमानदारी का चोला पहनकर आपको डसने के लिए सर्प रूपी लोग बैठे है जो आपके बस आने का इंतजार ही कर रहे है.

बाजार की बात करें तो मानता हूँ.बहुत सारे ठग बाजार में बैठे है. लेकिन जहाँ हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हों वहाँ पर ठगी और चोरी हो तो विश्वास को ठेस लगना स्वाभाबिक ही नहीं अविश्वनीय भी है.

एक महिला व उसका पति 4गोल्ड लोंन लेने के बास्ते अपने गहने ज़ेवर भारतीय स्टेट बैंक में गिरवी रखने जाते है . बैंक बालों ने अपने अधीनस्थ काम करने बाले सर्राफ राधिका ज्बेलर्स कैला देबी रोड़ जसवंतनगर, इटावा पर चेक एवं बजन कराने के बास्ते भेज दिया..
राधिका जवेलर्स बालों ने सोना को चेक किया व बजन, नग गिनती करके अपने दुकान के लेटरपेड पर उस महिला एवं उसके पति को बो लेटर पेड दे दियेजिस पर सब बजन व केरिट बगैरह दर्ज था और ज़ेवर गहने अपने पास रख लिए.और कहा अब आप लोग जाइयेगा ये लेटरपेड बैंक में दिखा देना एवं जमा करा देना. तथा एक कॉपी अपने पास भी रख लेना. बो लोग ऐसा ही करते है.और अंत में बैंक बाले गोल्ड लोंन दे देते है.

ज़ब बे लोग लोंन जमा करके अपना ज़ेवर वापस लेते है. तो उन्हें बैंक बुलाया जाता है वहाँ पर ही इनको बो गहने जेबर बापस दिये जाते है ज़ब बैंक इनको जेबर बापस देती है तो इनके अंदर एक ड़र रहता है हमें कोई देख न रहा हो, कोई लख न रहा हो क्योंकि अपने घर तक तो सुरक्षित आना ही है इसलिए जल्दी जल्दी केवल अपने नगों को ही सम्भालते है.मतलब गिनती का ही मिलान करते है बजन का नहीं,.ऐसा ही अन्य लोग ही नहीं वरन सभी लोग करते है.जो अपना जेबर या ज्यादा रुपया बैंक से लेते है.

जब ज़ेवर वापस लेकर घर पर आ जाते है. तब इत्मीनान के साथ देखते है. तो झुमकी में से एक छोटा सा एक हिस्सा गायब पाते है.

चूंकि बैंक का मामला होता है. उस पर भरोसा होता है. तो सोच लेते है शायद कही न कहीं हमसे ही मिस्टेक हुई होगी. और मामला फिर रफा दफा कर इस घटना को भूल जाते है.

अब इनको फिर रुपयों की जरूरत महसूस होती है तब फिर वही प्रक्रिया कराई जाती है. और फिर जवेलर्स भी वही प्रक्रिया करता है. फिर ज़ेवर रखे जाते है. वापस लेते समय में फिर नग गिनती कराके मिलान करके घर आ जाते है.

चूंकि महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा ज़ेवर के मामले में ज्यादा एक्टिव होती है संबेदन शील होती है.और बे अपने गहनों पर विशेष निगाह रखती भी है.

अबकी बार फिर राधिका ज्बेलर्स बाला ठग,चोर, बेईमान फिर से गले का जो हार होता है उसमें नीचे कुछ पत्तीयाँ लटकती हुई होती है उनमें से एक पत्ती बड़ी सफाई से पार कर देता है. मतलब पत्ती काट लेता है.

इसके अलावा ये बजन में भी ये गड़बड़ करता है. एक अन्य जगह ज़ब बजन करा के ज़ब इनके यहाँ उसी ज़ेवर गहनों का बजन इसके यहाँ कराया गया तो कुल उतने गहनों में ही 790 mg का फर्क आ जाता है. मतलब इसके यहाँ बजन कम निकल निकलता है.अगर किसी तरह का लफड़ा पड़ता है तो अंत में जो बजन इसने दर्शाया है तो बैंक ग्राहक को उतना ही बजन बापस देगी जितना इस दुकान दार ने लिखा है. लगता है इस खेल में बैंक भी शामिल है. बरना बैंक बाले भी तो अपना एक कांटा बैंक में लगा सकते है. ये तो वही बात हुई 

न खाता न वही, जो दुकानदार ने कही वही बात सही.

किसी न किसी दिन बैंक को ये दिन भी देखने को अवश्य ही मिल सकते है.

पहले झुमकी से सोना काटा था अब गले के हार से सोना काटा गया, मतलब चोरी की गईं.ये राधिका जवेलर्स बाला चोर, चोरी कर लेता है.

आज ज़ब फिर गोल्ड लोंन की जरूरत पड़ती है तब जाकर कान खडे होते है.कि हर बार कहीं न कहीं से सोना गायब क्यों हो जाता है इसका मतलब राधिका जवेलर्स बाला ही चोरी कर लेता है. टूटने का निशान और सोना कटने के निशान में बहुत बड़ा फर्क होता है

इस बाबत बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस में भी राधिका जवेलर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.ज़ब बात न्यूज़ के माध्यम से ज्बेलर्स के पास पहुंचती है तो बो अपनी सफाई देते है. कि हमने एक कोने में लिखा तो है कि इसमें एक पत्ती नहीं है. अब बात चोरी और सीना जोरी की हो जाती है.इसमें उपभोक्ता का कहना है कि लिखने में आप क्या लिख रहे हो हमको कोई पता नहीं है. अगर कोई गहनों में कमी या बड़ी होती है तो हमको लिखते समय ही,उसी समय बताना था. कि आपके हार से ये पत्ति गायब है केवल लिख दिया बो हमने देखा ही नहीं है आज ज़ब बात खुलती है तो ज्बेलर्स बाला आज बताता है कि हमने तो पहले ही लिख कर दिया था. कि पत्ती नहीं है.

मेरे चोर भाई आप लिख तो सकते पर ग्राहक को बता क्यों नहीं सकते हो. यही तो झोल है. हमने अपना हार सही सलामत दिया था. तुमने बड़ी चालाकी के साथ एक कोने में बड़े ही शातिराना तरीके से पतले अक्षरों में लिखा. और उसी लिखा पड़ी की बदौलत तुमने सोना काट लिया चोरी कर ली. ज़ब बात पकड़ में आई तो आप अब बो हिस्सा बता रहे हो जहाँ आपने एक कोने में लिखा था कि हमने तो लिख कर दिया था.

इसी लिए तो इस न्यूज़ की जरूरत पड़ रही है. आपके काले कार नामे लोगों के सामने आयें. हम तो मर ही गये. मरते मरते अन्य लोगों को भी सावधान कर दें. आपके साथ भी ऐसा ही हुआ होगा. अगर नहीं हुआ है. तो न्यूज़ पढ़ कर सावधन हो जाएँ.

जिसको रुपयों की जरूरत होती है वह इतना होशियार नहीं होता है. और बो बिश्बास भी करता है उसे क्या मालूम होता है कि आगे हमारे साथ क्या होने बाला है. मामला एक बार का होता तो बात तो खत्म हो ही गईं थी. यहाँ मामला तीसरी बार का है इसलिए ये सब पकड़ में आ गया. बरना ये मामला कभी खुलता ही नहीं.

आप सभी पाठकों को इस न्यूज़ के माध्यम से अवगत किया जा रहा है कि अगर आप स्टेटबैंक ऑफ़ इण्डिया की शाखा जसवंतनगर से गोल्ड लेने जा रहे है. या कभी गोल्ड लोंन लिया हो तो अपने ज़ेवर और गहनों की गिनती न करें बल्कि उसकी गहनता से जाँच करें हमको पूरा भरोसा है. इस बेईमान राधिका जवेलर्स के मालिक ने आपके साथ भी जरूर ही धोखा किया होगा 

रेल मंडी में जो स्टेट बैंक की शाखा है उस बैंक का भी यही राधिका जवेलर्स बाला ही काम देखता था. किन्ही कारणों से बेईमान जवेलर्स को वहाँ के काम से वँचित कर दिया गया है

बैंक की शाखा पर भी ये चोर बट्टा लगा रहा है या फिर बैंक के कर्मचारियों की मिली भगत से ये घोटाला कर रहा है.ऐसा भी सम्भव हो सकता है. क्योंकि हमाम में सब नग्गे है. 👇👇👇👇👇

"लोग चलते है कांटों से बचकर 

हम चुराता हूँ फूलों से दामन

इस कदर खाये है हमने धोखे

अब किसी पे भरोसा नहीं है ""

सावधान रहे. सुरक्षित रहे. अपना और अपनों का ख्याल रखें.

इनकी शिकायत बैंक में ऊपर टक की जायेगी. पूरी तैयारी के साथ.

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